बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने का सबसे असरदार तरीका है: उम्र के हिसाब से एक साफ़ limit तय करें, खाने और सोने का समय phone से दूर रखें, और phone को बच्चे की पहुँच से हटा दें। सबसे ज़रूरी बात यह है कि बच्चे वही करते हैं जो वे आपको करते देखते हैं, इसलिए शुरुआत अपने phone से करें।
bloc (Letsbloc का) इसी काम के लिए बना है: fridge पर लगने वाला एक छोटा NFC magnet और iPhone व Android के लिए एक free app। आप जो apps चुनते हैं, वे तब तक बंद रहते हैं जब तक कोई fridge तक जाकर phone tap न करे। ₹1,699, एक बार का दाम, पूरे भारत में delivery।
बच्चों का स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए?
Indian Academy of Pediatrics (IAP) की screen time guidelines के अनुसार:
| बच्चे की उम्र | रोज़ कितना screen time |
|---|---|
| 2 साल से कम | बिल्कुल नहीं |
| 2 से 5 साल | ज़्यादा से ज़्यादा 1 घंटा, किसी बड़े के साथ बैठकर |
| 5 से 10 साल | 2 घंटे से कम |
| 10 से 18 साल | कोई तय घंटे नहीं, पर screen नींद, खेल-कूद, पढ़ाई और परिवार के समय की जगह न ले |
ध्यान रखें कि ये घंटे मनोरंजन के लिए हैं, यानी videos, games और social media। Online class और homework को अलग गिनें, पर उनके बीच भी breaks ज़रूरी हैं।
बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे कम करें: 10 आसान तरीके
- ·पहले अपना phone कम करें। बच्चे आपकी बात से कम और आपके व्यवहार से ज़्यादा सीखते हैं। अगर खाने की table पर आप phone देखते हैं, तो बच्चा भी देखेगा।
- ·घर में phone से दूर रहने का समय और जगह तय करें। खाने का समय, bedroom और सोने से पहले का एक घंटा। ये नियम पूरे परिवार पर लागू हों, सिर्फ़ बच्चों पर नहीं।
- ·Phone की जगह कुछ और दें। सिर्फ़ phone छीनने से खालीपन बनता है। बाहर खेलना, किताबें, board games, drawing या घर के काम में मदद, कुछ ऐसा जो बच्चे को सच में पसंद हो।
- ·नियम साथ बैठकर बनाएं। बच्चे से पूछें कि कितना समय ठीक लगता है, फिर मिलकर तय करें और लिखकर fridge पर लगा दें। जो नियम बच्चा खुद बनाने में शामिल होता है, उसे वह ज़्यादा मानता है।
- ·रात को phone अपने कमरे में charge करें। बच्चे के कमरे में नहीं। देर रात का scrolling नींद को सबसे ज़्यादा खराब करता है।
- ·अचानक न छीनें, पहले बता दें। "10 मिनट और" कहकर timer लगा दें। अचानक phone लेने से झगड़ा होता है, पहले से बताने से कम होता है।
- ·छोटे बच्चों के साथ बैठकर देखें। देखें कि वे क्या देख रहे हैं, और उस पर बात करें। साथ देखना अकेले देखने से कहीं बेहतर है।
- ·Phone के अपने parental controls लगाएं। iPhone में Screen Time (Family Sharing के साथ) और Android में Google Family Link से apps की limit और सोने का समय तय कर सकते हैं।
- ·Teenagers से ज़बरदस्ती नहीं, बात करें। बड़े बच्चों को फ़ैसले में शामिल करें। उन्हें खुद तय करने दें कि पढ़ाई के समय कौन से apps बंद रहेंगे।
- ·धीरे-धीरे कम करें। एक दिन में 4 घंटे से 1 घंटे पर आना मुश्किल है। हर हफ्ते 15 से 30 मिनट कम करें।
मेरा बच्चा मोबाइल बहुत देखता है, क्या करूँ?
घबराएं नहीं, और डाँटने से शुरुआत न करें। पहले एक हफ्ते तक देखें कि बच्चा कब, कितना और क्या देखता है। iPhone में यह Screen Time में और Android में Digital Wellbeing में मिल जाता है।
फिर देखें कि phone किस चीज़ की जगह ले रहा है: नींद, खेल, पढ़ाई या दोस्तों से मिलना। जहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान है, वहीं से शुरू करें। ज़्यादातर घरों में यह रात का समय होता है।
अगर phone न मिलने पर बच्चा बहुत ज़्यादा गुस्सा करता है, नींद या पढ़ाई पर साफ़ असर दिख रहा है, या वह दोस्तों और परिवार से कटने लगा है, तो बच्चों के doctor से बात करें।
bloc परिवार में कैसे मदद करता है
bloc कोई parental control या निगरानी वाला app नहीं है। यह बस एक कदम जोड़ता है: जो apps आपने साथ मिलकर चुने हैं, जैसे YouTube, Instagram या games, उन्हें खोलने के लिए fridge तक जाकर phone tap करना पड़ता है। Calls, messages और maps हमेशा चालू रहते हैं।
यह teenagers और माँ-बाप, दोनों के लिए अच्छा काम करता है। नियम माँ-बाप की "ना" नहीं रहता, बल्कि सबका तय किया हुआ नियम बन जाता है, और fridge तक की walk उसे याद दिलाती है। पूरे परिवार के लिए Duo (2 devices, ₹3,199) और Squad (5 devices, ₹7,499) packs भी हैं। bloc के बारे में और जानें →
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